👉 क्या आप जानते हैं, आयुर्वेद पनीर को निकृष्टतम भोजन मानता है?कारण? क्योंकि पनीर विकृत दूध है। दूध को फाड़कर बनाया जाता है – जैसे सड़ी सब्ज़ी को खाना मना है, वैसे ही फटा हुआ दूध भी।
📜 इतिहास गवाह है:
न वेदों में, न पुराणों में, कहीं पनीर का नाम नहीं।भारत में दूध को विकृत करना हमेशा वर्जित रहा।आधुनिक विज्ञान भी कहता है:
पनीर पचाना मुश्किल → आंतों पर दबाव → कब्ज, फैटी लिवर, IBS।ज़्यादा खाने से खून में थक्के, हार्ट फेलियर, ब्रेन हैमरेज का ख़तरा।महिलाओं में हार्मोनल डिसबैलेंस और फर्टिलिटी इश्यू।
🍴 आज हालत ये है:
कढ़ाई पनीर, शाही पनीर, चिली पनीर… पिज़्ज़ा, समोसे, बर्गर – हर जगह पनीर।
इतना ही अच्छा है तो ऋषि-मुनियों ने क्यों नहीं लिखा?
💡 संदेश:
“पनीर जीभ को सुख देता है, लेकिन शरीर को रोग।”
बाजार का नहीं, घर का बनाएँ – और सोचकर खाएँ।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें